What is MS Word (ऍम एस वर्ड क्या हैं)
माइक्रोसॉफ्ट
वर्ड ए प्रकार का वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर है जिसका प्रयोग किसी डॉक्यूमेंट को
बनाने उनमें कुछ सुधार करने के लिए किया जाता है यह एक बहुत महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर
है जो लगभग सभी कंप्यूटर में MS
OFFICE पैकेज के अंदर पाया जाता है इनमें अनेक
प्रकार के टूल्स पाए जाते हैं जो 45 KB के कम साइज के
डॉक्यूमेंट को बनाने, उनमे बदलाव करने, डॉक्युमेंट
को प्रिंट करने उनमे एडिटिंग करने के लिए प्रयोग किया जाता है इस सॉफ्टवेयर के
प्रयोग से विभिन्न प्रकार के टैक्स स्टाइल डॉक्यूमेंट में चित्र आदि लगाकर एक
आकर्षक डॉक्यूमेंट तैयार किया जाता है वर्ष 1983 में MS DOS ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए प्रथम Word Processing Software तैयार किया गया था 1985 में Mac ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए माइक्रोसॉफ्ट
वर्ड का एक ग्राफिकल संस्करण तैयार किया गया वर्ष 1990 में
ms-office के प्रथम संस्करण में यह सॉफ्टवेयर जोड़ा गया
Ms-word को प्रारंभ करना
एमएस
वर्ड खोलने प्रारम्भ करने के तीन विधियां है
1)- टास्कबार में स्टार्ट बटन क्लिक करते
हैं उसके बाद रन विकल्प पर क्लिक करते हैं क्लिक करने के बाद एक टेक्स्ट बॉक्स आता
है उस टैक्सबॉक्स में winword टाइप करके Enter key को दबाते हैं
2)- डेस्कटॉप पर उपलब्ध माइक्रोसॉफ्ट आइकॉन
पर डबल क्लिक करते हैं
3)- स्टार्ट पर क्लिक करते हैं स्टार्ट
मेनू खुलने पर प्रोग्राम विकल्प का चयन करते हैं तत्पश्चात प्राप्त मेनू से ms-office का का चयन करने के बाद एमएस वर्ड पर क्लिक करते
हैं
माइक्रोसॉफ्ट वर्ड के अवयव
1) टाइटल बार ( Title bar)
यह
माइक्रोसॉफ्ट वर्ड डॉक्यूमेंट में सबसे ऊपर एक रिबन पट्टी होती है जो फाइल का नाम
और जिस सॉफ्टवेयर में फाइल खुली है उस सॉफ्टवेयर का नाम दिखाती है
टाइटल
बार में तीन बटन होते हैं
a) मिनिमाइज (Minimize)
इस
बटन पर सबसे छोटी रेखा या देश (-) छिपा होता है इस बटन को क्लिक करने से विंडोज
अस्थाई रूप से बंद होकर टास्क बार में एक बटन के रूप में बदल जाती है आप इस बटन पर
क्लिक करके विंडो को उसके पूर्व आकार में ला सकते हैं कोई वर्ड डॉक्यूमेंट टास्क
बार में बटन बार में बटन के रूप में आने के बाद बंद नहीं होता था तो वर्ड एक्टिव
रहता है
b) मैक्सिमाइज (maximize)
मैक्सिमाइज
बटन पर एक छोटा वर्ग (◻️) छपा होता है इस बटन को क्लिक करने से विंडोज पूरी स्क्रीन बदल जाती है और मैक्सिमाइज बटन रिस्टोर बटन में बदल जाता है जिस पर छोटे आयतों का एक जोड़ छपा होता है यदि आप रिस्टोर बटन पर क्लिक करते हैं तो विंडोज अपने पुराने आकार में आ जाती है
वह बटन फिर से मैक्सिमाइज बन जाता है
c) क्लोज (Close)
इसका
प्रयोग किसी खुली हुई फाइल को बंद करने के लिए करते हैं
2) स्टैंडर्ड टूल बार (Standard Toolbar)
इनमें
फाइल और टेस्ट संबंधित कार्यों के लिए टूल रहते हैं जैसे नई फाइल खोलना, पुरानी फाइल खोलना, फाइलों को सुरक्षित रखना ।
3) रिबन (Ribbon)
यह
स्क्रीन के टॉप पर टाइटल बार के नीचे एक पट्टी (Ribbon) होती है इनमें किसी कार्य को करने के लिए
आदेशों का एक पैनल होता है इन आदेशों के पैनल को किसी टाइम में संगठित कर दिया
जाता है जब हम टैब पर क्लिक करते हैं तो यह पैनल इसी रिबन पर दिखाई देते हैं इस
रिबन को मिनिमाइज भी किया जा सकता है
4) टैब (Tab)
रिबन
पर मेनू बार में कुछ बटन लगे होते हैं इन बटन को टैब कहते हैं इसका प्रयोग करैक्टर
को संपादित करने, डॉक्यूमेंट का लेआउट बदलने, पेज में अनेक प्रकार की प्रिव्यू ( Preview) देखने, पेज में कोई नया चित्र, ग्राफ आदि जोड़ने के लिए करते हैं।
Tabs के अंतर्गत
निम्न बटन आते हैं
a) होम टैब (Home Tab)
इस
टैब में क्लिपबोर्ड, फॉन्ट, पैराग्राफ, स्टाइल और एडिटिंग नाम के विकल्प होते हैं
b) इंसर्ट टैब (Insert Tab)
इस
टैब में पेजेस, टेबल्स, इलस्ट्रेशन, लिंक्स हैडर, और फुटर, टेक्स्ट और सिंबल नाम के विकल्प होते हैं
c) क्लिपबोर्ड
क्लिपबोर्ड
में किसी टेक्स्ट को कट कॉपी और पेस्ट करने के विकल्प होते हैं कट या कॉपी किया
हुआ डाटा क्लिपबोर्ड में स्टोर हो जाता है जिसे आगे हम कहीं भी पेस्ट कर सकते हैं
d) फॉन्ट
फॉन्ट
का प्रयोग किस पंक्ति (line) के साइज, स्टाइल, कलर, फॉन्ट को बोल्ड करना, तिरछा करना, या उसके नीचे अंडर लाइन लगाना आदि
कार्यो के लिए करते हैं
e) पैराग्राफ
पैराग्राफ
का प्रयोग किसी पंक्ति में बुलेट या नंबर लगाना उसे इंडेंट करना आदि कार्यों के
लिए किया जाता है इस टूल बार को फॉर्मेटिंग टूलबार (Formatting tool bar) भी कहते हैं
f) स्टाइल
स्टाइल
के प्रयोग से किसी टेस्ट के स्टाइल को बदलते हैं
g) एडिटिंग
एडिटिंग
के प्रयोग से किसी कैरेक्टर या शब्द को ढूंढ सकते हैं तथा उसे दूसरे कैरेक्टर या
शब्द से बदल सकते हैं
पेजेज
इस
विकल्प का प्रयोग विभिन्न प्रकार के पेज कवर लगाने के लिए, पेज को बीच में ब्रेक करने के लिए, ब्लैंक पेज इंसर्ट करने के लिए करते हैं।
टेबल्स
इस
विकल्प का प्रयोग विभिन्न प्रकार के टेबल बनाने तथा टेबल इंसर्ट करने के लिए करते
हैं
इलस्ट्रेशन
इसका
प्रयोग विभिन्न प्रकार के पिक्चर,
क्लिप आर्ट ,शेप्स, स्मार्ट आर्ट , चार्ट आदि को पेज में इंसर्ट करने के लिए करते
हैं
links
इसका
प्रयोग हाइपरलिंक बनाना, बुकमार्क बनाना, और
क्रास रेफरेंस बनाने के लिए करते हैं
हेडर और फुटर
इसका
प्रयोग किसी पेज में ऊपर या नीचे हेडर डालने और फुटर डालने के लिए करते हैं
टेक्स्ट
इस
विकल्प का प्रयोग टैक्स बास्क डालना, वर्ड आर्ट डालना, डेट और टाइम डालना और विभिन्न प्रकार की वस्तु
डालने के लिए करते हैं
सिम्बल
सिंबल
का प्रयोग डॉक्यूमेंट में विभिन्न प्रकार के चिन्ह डालने के लिए करते हैं
3) पेज लेआउट टैब page layout tab
इस
टैब का प्रयोग विभिन्न प्रकार के थीम (themes) डालने के लिए
करते हैं इस विकल्प से पेज का बैकग्राउंड (background) और
पैराग्राफ सेट किया जाता है
4) रिव्यू टैब review tab
इस
टैब का प्रयोग स्पेलिंग और ग्रामर चेक करने, शब्दकोष dictionary देखने, अनुवाद tanslate करने और डॉक्यूमेंट को सुरक्षित रखने के लिए
करते हैं
व्यू टैब view tab
यह
प्रिंट लेआउट फुल स्क्रीन लेआउट मैंकरोज macros, स्पिलिट, आदि से मिलकर बना होता है इसका प्रयोग पेज की
बनावट देखने के लिए करते हैं।
5) रूलर
यह
डॉक्यूमेंट विंडो के टॉप पर और उसके बाएं तरफ दिखाई देता है इसका प्रयोग किसी
डॉक्यूमेंट में टेक्स्ट का क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर horizontal and vertical हाशिए Alignment को देखने व सेट
करने के लिए करते है
रूलर
के 2 प्रकार होते हैं
1) क्षैतिज रूलर (horizontal Ruler)
यह
डॉक्यूमेंट के चौड़ाई Width को सूचित करता है अर्थात टेक्स्ट और पेज के
किनारे के बीच में अंतर को बताता है इसका प्रयोग लेफ्ट और राइट मार्जिन को सेट
करने के लिए करते हैं मार्जिन का तात्पर्य पेज बॉर्डर और टेस्ट के बीच में अंतर से
है
2) ऊर्ध्वाधर रूलर Vertical Ruper
यह
डॉक्यूमेंट के ऊंचाई Height को सूचित करता है अर्थात टेक्स्ट और टॉप पेज
बॉर्डर के बीच के अंतर को प्रदर्शित करता है इसका प्रयोग टॉप और बॉटम मार्जिन सेट
करने के लिए करते हैं
स्टेटस बार status bar
यहां
डॉक्यूमेंट के संबंधित कुछ सूचनाएं जैसे कि पेज नंबर, करेंट पेज, करेंट टेंपलेट, कॉलम नंबर और लाइन नंबर आदि को दिखाता है
8) कार्यक्षेत्र Work Area
यह
डॉक्यूमेंट विंडो का आयताकार क्षेत्र होता है जिसमें आप कुछ टेस्ट टाइप करते हो या
कोई चित्र या वस्तु जोड़ते हो इसे वर्कप्लेस workplace के नाम से जाना
जाता है
9 ) कर्सर cursor
इसे इनसशरन पॉइंटर भी
कहते हैं ये किसी टेक्स्ट के प्रारंभिक बिंदु को दर्शाता है या जिस स्थान पर होता
है उसी स्थान पर कोई टेस्ट टाइप होती है यदि कोई ऑब्जेक्ट या पिक्चर जोड़ते हैं तो
वह भी कसर पॉइंट के साथ ही जुड़ता है


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